एक विवाह ऐसा भी... थानाध्यक्ष ने विधवा की बेटी की शादी का उठाया पूरा खर्च, खुद किया कन्यादान
Khaki Ne Nibhaya Father's Duty
‘मैं उनके एहसान को भुला नहीं सकती. उन्होंने एक गरीब की बेटी की शादी कराकर उसे नया जीवन दिया. उन्होंने शादी से जुड़ी हर तैयारी को खुद देखा और बेटी को जरूरत का हर सामान उपहार में दिया. आज उसका घर बसा है, तो वह सिर्फ कोतवाली साहब की बदौलत…’ ये कहते-कहते बुजुर्ग सोमती देवी की आंखें नम हो जाती हैं. यह कहानी है सहारनपुर की, जहां यूपी पुलिस के एक अधिकारी के मानवीय कार्य की हर तरफ सराहना हो रही है.
सहारनपुर के गंगोह कोतवाली प्रभारी पीयूष दीक्षित ने मानवता की मिसाल पेश की है. उन्होंने न केवल एक गरीब परिवार की बेटी की शादी कराई, बल्कि कन्यादान भी किया. पुलिस अफसर की इस पहल की पूरे इलाके में खुले दिल से तारिफ की जा रही है.
बेटी की शादी के लिए पुलिस से मांगी मदद
गंगोह के छत्ता मोहल्ला निवासी महेंद्र सिंह के निधन के बाद उनके परिवार की सारी जिम्मेदारी उनकी पत्नी सोमती देवी पर आ गई. चार बेटियों की मां सोमती देवी ने अपनी तीन बेटियों की शादी तो किसी तरह मजदूरी और मेहनत करके कर दी, लेकिन चौथी बेटी प्रीति की शादी उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गई. आर्थिक तंगी के कारण वह बेटी की शादी का खर्च उठाने में पूरी तरह असमर्थ थीं. मजबूरी के हालात में वह उम्मीद की आखिरी किरण लेकर मिशन शक्ति महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचीं और अपनी पीड़ा महिला उपनिरीक्षक को सुनाई.
उसी दौरान कोतवाली प्रभारी पीयूष दीक्षित वहां मौजूद थे. जैसे ही उन्हें विधवा की व्यथा का पता चला, उन्होंने बिना देर किए मदद का निर्णय लिया. उन्होंने सोमती देवी को आश्वस्त किया कि वे चिंतामुक्त रहें. जब तक बेटी की शादी नहीं हो जाती, सारी जिम्मेदारी उनकी है. उन्होंने कहा कि परिवार सिर्फ योग्य वर ढूंढ ले, बाकी भोज, सामान, व्यवस्था और खर्च सब वह स्वयं वहन करेंगे. इतना ही नहीं, उन्होंने विवाह के दिन स्वयं मंडप में उपस्थित होकर कन्यादान करने का वादा भी किया.
शादी में उपहार भी दुल्हन को दिए
कुछ दिनों बाद सोमती देवी ने संसारपुर गांव के सोनू कुमार को अपनी बेटी प्रीति के लिए वर के रूप में पसंद किया और 27 नवंबर की तारीख विवाह के लिए तय कर दी गई. इसके बाद कोतवाली प्रभारी पीयूष दीक्षित ने अपनी टीम के साथ मिलकर पूरी शादी की तैयारियां कराईं. खाना, मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था, उपहार और अन्य आवश्यक चीजों की व्यवस्था की. मां सोमती ने बताया कि कोतवाल साहब ने बेटी को शादी में उपहार स्वरूप कपड़े, कूलर, बर्तन सहित कई चीजें दी हैं.
कोतवाल ने दुल्हन का कन्यादान किया
शादी के समय कोतवाल पीयूष दीक्षित खुद मंडप में पहुंचे और पिता की तरह प्रीति का कन्यादान किया. उनका यह मानवता से भरपूर कदम देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा. गांववालों का कहना है कि इस पूरे आयोजन ने यह साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ कानून और अनुशासन का प्रतीक नहीं, बल्कि इंसानियत का सबसे मजबूत चेहरा भी हो सकती है. कोतवाली प्रभारी के इस मानवतापूर्ण कार्य की शहरभर में चर्चा हो रही है. पूरा गांव खुश है.